हम नाते नवी पढ़ के तक़दीर जगा लेंगे /ham naate navi padh ke takdeer jaga lenge lyrics

 

हम नाते नवी पढ़ के तक़दीर जगा लेंगे 
हम रोज हमें आका तेवा मैं बुला लेंगे 


वो जीते जी दुनिया मैं जन्नत का मजा लेंगे 
जो बाप को ख़ुश रखेंगे और माँ की दुआ लेंगे 


देखेंगे वो घर अपना जन्नत की बहारो मैं 
जो आज दुरूद को होठो पे सजा लेंगे 


जो गोस की महफिल मैं बैठेंगे अकीदत से 
दोजख की मुसीबत से वो खुद को बचा लेंगे 


गर्दिश ने ज़माने की गर हमको कभी घेरा 
हम खुआजा पिया तुमको आवाज लगा लेंगे 


खुआजा के वसीले से मैदाने क़यामत मैं 
हम जैसे गुलामो को सरकार बचा लेंगे 


सज्जाद निजामी पर खुआजा जो करम करदे! 
तैवा की बहारो मैं घर अपना बना लेंगे!