इस करम का करू शुक्र कैसे अदा /is karam ka karu sukr kaise ada lyrics
इस करम का करू शुक्र कैसे अदा
जो करम मुझ पर मेरे नवी ने कर दिया
मैं सजाता हूँ! सरकार की महफिले
मुझ को हर गम से रब ने बरी कर दिया
जिक्र ऐ सरकार की है! बढ़ी बरकते
मिल गयी राहते अजमते रिफ़ अते
मैं गुनहगार था! बे अमल था!मगर
मुस्तफा ने मुझे जन्नती कर दिया!
लम्हा लम्हा है! मुझ पर नवी की अता
दोस्तों और मांग मैं मोला से किया
किया ये कम है! की मेरे खुदा ने मुझे
अपने महबूब का उम्मती कर दिया
जो दर ऐ मुस्तफा के गदा हो गए
देखते देखते किया से किया हो गए
ऐसी चस्म ऐ करम की है! सरकार ने
दोनों आलम मैं उनको गनी कर दिया
जो भी आये है! महफिल मैं सरकार की
हाजरी मिल गयी उनको दरबार की
कोई सिद्दीक फारूक उस्मान हुआ
किसी को नवी ने अली कर दिया