मुझे मुस्तफा के घर से भला किया मिला नहीं है! /mujhe mustafa ke ghar se bhala kiya mila nahi hai lyrics
मुझे मुस्तफा के घर से भला किया मिला नहीं है!
मैं गुलामे मुस्तफा हूँ! मेरे पास किया कमी है!
यु ही नात पढ़ते पढ़ते किसी दिन निकल पढ़ूंगा
मेरे वास्ते मदीना कोई मसला नहीं है!
आया जब भी कोई मंगता उसे पेट भर भर खिलाया
कई दिन से घर मैं चूल्हा अली का जला नहीं है!
ये हुसैन ही का सर है! ये हुसैन का है! सजदा
जो झुका है! कर बला मैं अभी तक उठा नहीं है!
अरे बे खबर यजीदी तुझे कुछ पता नहीं है!
वो नहीं है! मुस्तफा का जो हुसैन का नहीं है!
यु ही आतिसे हसद मैं जलो तुम हमेशा हासिद
किया मुकामे अज़हरी है! तुम्हे कुछ पता नहीं है!