मेरे नवी के सारे असहाब है! जिंदाबाद अबू बकर सिद्दीक उमर ख़तताब है! जिंदाबाद उस्मान गनी भी प्यारे है! मोला अली भी प्यारे है! मोमिन के दिल मै हर दम ये धड़कते है!
ज़ेहरा के लखते जिगर कर्बल मै डट जाए! बातिल से डरते नहीं फिर चाहे कट जाये! प्यारे नवी के नवासे है! कर्बल मै वो प्यासे है! नेजे पर चढ़ कर भी कुरआन बो पढ़ते है!
मुंकिर है! मूर्तद है! असहाब से जलते है! पीट ते है! वो सीना खंजर भी चलते है! जल जल के मर जायेंगे! फिर वो जहन्नुम मै जायेंगे हक़ ये अकीदा है! खुल कर ये कहते है!