वादी रजा की कोह ऐ हिमाला रजा का है! /vaadi rja ki koh ae himala rja ka hai lyrics

 वादी रजा की कोह ऐ हिमाला रजा का है! 
जिस सिम्त देखिये वो इलाका रजा का है! 


अगलो ने तो लिखा है! बहुत इल्म ऐ दीन पर 
जो कुछ है! इस सदी मैं वो तन्हा रजा का है! 


जो उसने लिख दिया है! सनद है! वो दीन मैं 
अहल ऐ कलम की आबरू नुकता रजा का है! 


अल्फाज बह रहे है! दलीलो की धार पर 
चलता हुआ कलम है! की धारा रजा का है! 


दस्तार आ रही है! जमीं पर जो सर उठे 
कितना बुलंद आज फरेरा रजा का है! 


दरिया फसहतो के रखा सायरी मैं है!
ये सहल ऐ मुमतना है! की लहज़ा रजा का है! 


छूटा है! आसमान को मीनार अज़्म का 
यानी अटल पहाड़ इरादा रजा का है!