जमीं मेली नहीं होती जमन मेला नहीं होता /jami meli nahi hoti jaman mela nahi hota lyrics
जमीं मेली नहीं होती जमन मेला नहीं होता
मोहम्मद के गुलामो का कफन मेला नहीं होता
मोहब्बत कमली बाले से वो जजवा है! सुनो लोगो
ये जिस मन मैं समा जाये वो मन मेला नहीं होता
नवी के पाक लंगर पर जो पलते है! कभी उनकी
जवा मेली नहीं होती सुखन मेला नहीं होता
गुलो को चूम लेते है! शहर नम सभी कतरे
नवी की नात सुनले तो चमन मेला नहीं होता
जो नाम ऐ मुस्तफा चूमे नहीं दुखती कभी आँखे
पहन ले प्यार जो उनका बदन मेला नहीं होता
तिजोरी मैं जो रखा है! सियाही आहि जाती है!
बटे जो नाम पर उनके वो धन मेला नहीं होता
नवी का दामने रहमत पकड़ लो ऐ जहाँ बालो
जब तक ये हाथो मैं चलन मेला नहीं होता