होता अगर ज़मीन पर साया रसूल का /hota agar jameen par saaya rasool ka lyrics lyrics naat sareef
होता अगर ज़मीन पर साया रसूल का
फिर पाओ उम्मती कहा रखता ज़मीन पर
पढ़ते है! यु तो गैर भी कलमा रसूल का
जन्नत उसे मिलेगी जो होगा रसूल का
करते है! अहतराम जनाजे का इसलिये
वो जा रहा है! ददेखने चेहरा रसूल का
दुनिया को देखना भी गबारा ना किया
जब तक अली ने देखा ना चेहरा रसूल का
शेरे खुदा ना बनता तो बनता भी और किया
बचपन से ही तो है! पाला रसूल का
नारा रजा का लगता है! दुनिया मैं इसलिए
अहमद रजा के लब पे था नारा रसूल का