आरजू मदीने की मेरा दिल लुभाती है! /aarju madine ki mera dil lubhati hai lyrics naat sareef
आरजू मदीने की मेरा दिल लुभाती है!
किया करू गरीबी मैं बे बसी रुलाती है!
करबते बदलती है! हसरते मेरे दिल की
गुलसने मदीने की जब भी याद आती है!
फुरकते मदीना मैं रात भर मेरे मोला
नींद मेरी आँखों मैं आती है! और जाती है!
सुबह भी मदीने की शाम भी मदीने की
मुस्तफा के जलवे मैं हर घड़ी नहाती है!
मिल गया मुहम्मद का बून्द भर पसीना था!
आज तक गुलाबों मैं खुसबू उसकी आती है!
चूम कर सहे दी के क़दमे नाजे सज्जाद
आज तक मुररत मैं खुल्द मुस्कुराती है!