शहर ऐ तैवा का वो बाजार बढ़ा प्यारा है!/sahar ae taiva ka vo bajaar badha pyara hai lyrics
शहर ऐ तैवा का वो बाजार बढ़ा प्यारा है!
हर गुलामो का हर ख़रीदार बढ़ा प्यारा है!
रोज कहती है! मदीने मैं उतर के जन्नत
या नवी आपका दरबार बढ़ा प्यारा है!
देख कर कहते थे! सिद्दीक को मेरे आका
ऐ साहवा ये मेरा यार बढ़ा प्यारा है!
यूँ तो इजहारे मोहब्बत है! किया कितनो ने
ऐ बिलाल आपका इजहार बढ़ा प्यारा है!
उनके गुस्ताख़ को मारा है! छपी है! ये खबर
वा कई आपका अखबार बढ़ा प्यारा है!
बाँधने बाले है! मोहब्बत के अमामे सर पर
आज का मौका ऐ दस्तार बढ़ा प्यारा है!
ऐ गजाली जो छुपायेगा महसर मैं
वो बसी दामन ऐ सरकार बढ़ा प्यारा है!