मैं तो आशिक हूँ! नवी का /mai to aashik hoo navi ka lyrics

 

मैं तो आशिक हूँ! नवी का 
मैं तो आशिक हूँ! नवी का 


जिक्र सर्बर मैं मुझे खोया हुआ रहने दो! 
इसलिए मे जो दुनिया है! खफा तो खफा रहने दो! 


या मोहम्मद का वज़ीफा है! लबों पे हर दम 
दिल को बस यादे मोहम्मद मैं फ़ना रहने दो! 


दिल मैं नवी कि याद मैं डेरा जमा लिया 
सारे गमो से आपके गम ने बचा लिया 


या नवी क़ुर्बान जाऊ तेरे मुकाम पर 
तुमने तो पथ्थरो को भी कलमा पढ़ा दिया 


वीरानिया ना आएँगी आँखों मैं अब कभी 
खाके दरे रसूल का सुरमा लगा लिया 


सीने मैं है! बाहर शा मेला लगा हुआ 
जब से तुम्हारे दर्द को महिमा बना लिया 


गुलाम ऐ रसूल का तोहफा सजा के देख 
नादान उनके दर पे तू सर को झुका के देख 


आती है! कैसे जोसे रहमत हुज़ूर कि 
तू दास्तान हम जरा उनको सुना के देख 


कदमो मैं तेरे होंगे खजाने जहाँ के 
एक बार उनके नाम से शब कुछ लुटा के देख