कुछ बख्त गुजरने दो! ये अमरीका कहेगा!/kuch bakht gyjarne do ye amrica kahega lyrics
कुछ बख्त गुजरने दो! ये अमरीका कहेगा!
इस्लाम था! इस्लाम है! इस्लाम रहेगा!
आफाक पे ताविंदा यही नाम रहेगा!
हर दौर मैं जिन्दा मेरा इस्लाम रहेगा!
नफरत का मोहब्बत से कोई मेल नहीं है!
इस्लाम है! एक दीन कोई खेल नहीं है!
हर दुश्मन ऐ इस्लाम को इस बात का डर है!
तलवार लिए अब भी खड़ा कोई उमर है!
दरबाजा सुज़ाअत का नया खोल रहे थे!
मरहब को पटक कर ये अली बोल रहे थे!
बू बक्र औ उमर हैदर औ उस्मान ये बोले
और शहर ऐ बरेली से रजा खान ये बोले
बन कर ये शह ऐ बतहा के बफादार खड़े है!
हम सर पर कफन बाँध के तैयार खड़े है!